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गांव-गांव और स्कूल-स्कूल होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश, 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI स्किल ट्रेनिंग

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- प्रदेश में बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर जोर दिया है। 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए अब गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत प्रतिभावान बच्चों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनकी खेल प्रतिभा को निखारकर उन्हें बेहतर खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि खेल प्रतिभाओं की तलाश का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही पहचानना और उनकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में मौजूद उन प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर मिलेगा, जिन्हें पर्याप्त मंच या प्रशिक्षण नहीं मिल पाता।

युवाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

सरकार की योजना केवल खेल प्रतिभाओं तक सीमित नहीं है। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। डिजिटल माध्यम से कोचिंग उपलब्ध होने से युवाओं को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा।

एक साल में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI ट्रेनिंग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर भी सरकार का विशेष जोर है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।

AI आधारित तकनीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए युवाओं को इनसे संबंधित कौशल से जोड़ने की पहल रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य है।

धन-धान्य कृषि योजना में डिंडोरी देश में प्रथम

वहीं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में डिंडोरी जिला देश में प्रथम स्थान पर रहा है। कृषि वर्ष के अंतर्गत योजना के संचालन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिंडोरी जिले की पूरी टीम को बधाई दी गई है।

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के संचालन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। डिंडोरी जिले द्वारा योजना के क्रियान्वयन में हासिल किया गया पहला स्थान जिले की बेहतर कार्यप्रणाली और टीम के समन्वित प्रयासों को दर्शाता है।

डिंडोरी मॉडल दूसरे जिलों में होगा लागू

डिंडोरी में योजना के सफल क्रियान्वयन को अब प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने की तैयारी है। मंत्री ने कहा कि डिंडोरी जिले के सफल मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि वहां भी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो और अन्य जिले बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

इस पहल के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सफल कार्यप्रणाली को साझा करते हुए दूसरे जिलों को भी बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डिंडोरी की उपलब्धि को प्रदेश के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

खेल, तकनीक और कृषि—तीनों पर जोर

सरकार की इन पहलों में एक ओर बचपन से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें प्रशिक्षण देने पर जोर है, तो दूसरी ओर युवाओं को AI जैसी आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने की तैयारी है। वहीं कृषि क्षेत्र में डिंडोरी की सफलता को प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने की योजना है। खेल प्रतिभा, युवा कौशल और कृषि विकास को साथ लेकर चलने वाली इन पहलों से प्रदेश में नई प्रतिभाओं और बेहतर कार्यप्रणाली को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

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