सीधी (ईन्यूज एमपी)-राजस्व मामलों के निराकरण में जिले की स्थिति को लेकर कलेक्टर विकास मिश्रा ने नाराजगी जताते हुए राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। अनुविभागवार समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित लंबित प्रकरणों के समय पर निराकरण नहीं होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में जिले में चल रहे राजस्व कार्यों के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग सहित प्रमुख विकास कार्यों से जुड़े भू-अर्जन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिन भू-अर्जन प्रकरणों में अवॉर्ड पारित हो चुके हैं और भुगतान लंबित है, उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की नियमित सुनवाई कर निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। नामांतरण-बंटवारा में देरी पर सख्ती नामांतरण और बंटवारे के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अनावश्यक विलंब पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कमिश्नर द्वारा नामांतरण संबंधी कार्यों के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। राजस्व अधिकारियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने भू-राजस्व वसूली की भी समीक्षा की और लंबित भू-राजस्व की राशि जमा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। फॉर्मर रजिस्ट्री और सीएम हेल्पलाइन पर भी नजर बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने किसानों को इससे जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर कार्य की लगातार निगरानी करने को कहा। वहीं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाली सेवाओं को निर्धारित समयावधि में नागरिकों तक पहुंचाने और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व कार्यों में समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा। नागरिकों से सीधे जुड़े मामलों का समय पर निराकरण सभी राजस्व अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।