सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत परिक्षेत्र बस्तुआ के बीट कंचनपुर स्थित कक्ष क्रमांक RF-209 में चीतल के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। 13 अगस्त 2026 को चीतल के अवैध शिकार की सूचना मिलने पर उप संचालक राजेश कन्ना के मार्गदर्शन एवं सहायक संचालक मझौली हृदय लाल सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने कंचनपुर गांव में दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी लालबहादुर पिता राधे बैगा, उम्र 47 वर्ष, के घर से करीब 1-2 किलो पका हुआ चीतल का मांस, 14-15 किलो कच्चा मांस और एक भरमार बंदूक बरामद की गई। मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 500/15, दिनांक 13 अगस्त 2026 को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया। आरोपी लालबहादुर बैगा को 14 अगस्त को न्यायालय मझौली में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल सीधी भेज दिया गया। जांच के दौरान मामले में संलिप्त राजेश पिता सुखसेन प्रजापति, उम्र 33 वर्ष और बबलू पिता बाबूलाल बैगा, उम्र 33 वर्ष को भी 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। प्रकरण में अरुण पिता शेषमणि गुप्ता एवं विकास गुप्ता, निवासी कंचनपुर, फरार बताए गए हैं। वन विभाग की टीम दोनों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी बस्तुआ कैलाश बामनिया, परिक्षेत्र अधिकारी दुबरी विवेक सिंह, परिक्षेत्र सहायक जगपति सिंह, वनरक्षक गगन नेटीया, जयप्रकाश द्विवेदी, डॉग हैंडलर सुरेश बैगा, सहायक डॉग हैंडलर अजीत सिंह सहित डॉग स्क्वाड एवं अन्य वन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।