अब स्कूल परिसर से ही करना होगा लॉग-आउट, 'हमारे शिक्षक' एप अपडेट; छुट्टी के बाद स्कूल से दूर मिली थी 50% शिक्षकों की लोकेशन भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब शिक्षकों को केवल स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराना ही नहीं, बल्कि स्कूल की छुट्टी के बाद स्कूल परिसर से ही ई-अटेंडेंस का लॉग-आउट भी करना अनिवार्य होगा। इसके लिए विभाग ने 'हमारे शिक्षक' एप का नया अपडेट जारी कर दिया है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि समीक्षा के दौरान पाया गया कि छुट्टी के समय करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों की लोकेशन स्कूल परिसर से दूर दर्ज हुई। इससे यह संकेत मिला कि कई शिक्षक ई-अटेंडेंस लगाने के बाद विद्यालय छोड़कर अपने घर या अन्य स्थानों के लिए रवाना हो जाते थे। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों के बीच ऐसी शिकायतें अधिक सामने आई थीं। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षक स्कूल परिसर से बाहर जाकर लॉग-आउट नहीं कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षक निर्धारित समय तक विद्यालय में उपस्थित रहें और विद्यार्थियों को पूरा शैक्षणिक समय मिल सके। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं, बल्कि शिक्षण व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है। एप के नए संस्करण में तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिससे शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य अवधि की अधिक प्रभावी निगरानी की जा सकेगी। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक, 93 प्रतिशत अतिथि शिक्षक तथा 100 प्रतिशत प्राचार्य 'हमारे शिक्षक' एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो बैतूल, सतना, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और नीमच जैसे जिलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 95 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। वहीं **भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम और रायसेन** जिलों में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, विद्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा और विद्यार्थियों को पूरे समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।