सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लापरवाही को लेकर कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। अनियमितताओं के मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने प्रकाश सुखेजा एवं विजय सुखेजा, प्रोपराइटर सुखेजा एंड ब्रदर्स को नोटिस जारी किया है। 13 मार्च 2026 को निरीक्षण के दौरान संबंधित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध नहीं पाया गया, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसे आपूर्ति बनाए रखने में गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की गई है। यह कृत्य मोटर स्पिरिट एवं उच्च वेग डीजल (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन तथा अनाचार निवारण) आदेश, 2005 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है। इसी तरह कलेक्टर ने भारतलाल सिंह, प्रोपराइटर प्रताप गैस सर्विस को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ पाई गई और होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत पाई गई, जिसमें एलपीजी की सुचारू आपूर्ति और प्राथमिकता के आधार पर वितरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त कृत्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय है। दोनों ही प्रकरणों में संबंधित संचालकों को 7 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को आवश्यक सेवाओं की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।