सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती करते हुए कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कोई भी निजी विद्यालय विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों को किसी तय दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। अब तक कई निजी स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को महंगी किताबें, अनावश्यक कॉपियां और पूरा सेट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था, जिससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। नए आदेशों के माध्यम से इस तरह की मनमानी पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है। जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी स्कूल यह निर्धारित नहीं करेगा कि सामग्री केवल किसी विशेष दुकान से ही खरीदी जाए। अभिभावक अब अपनी सुविधा और उचित कीमत के अनुसार किसी भी दुकान से किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे। साथ ही किसी भी निजी प्रकाशक या विक्रेता को स्कूल परिसर में किताबों के प्रचार या बिक्री की अनुमति नहीं होगी। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फीस वृद्धि को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। 10 प्रतिशत तक की वृद्धि स्कूल स्वयं कर सकेंगे, जबकि 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुमति आवश्यक होगी। वहीं 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के लिए राज्य स्तरीय समिति की स्वीकृति अनिवार्य की गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी निजी स्कूलों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे इन आदेशों को अपने नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, ताकि अभिभावकों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके। इस फैसले से जहां अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।