भोपाल (ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में पिछले पांच दिनों से आंधी-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को दशहरे के दिन भी कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे रावण दहन की तैयारियों पर असर पड़ा। कई जगह रावण के पुतले भीग गए, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें बरसाती से ढकना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। इस साल दशहरे के दिन मंगलवार को रतलाम, महू समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। बारिश के कारण रावण के पुतले भीग गए। कुछ स्थानों पर आयोजकों ने पुतलों को बरसाती से ढककर सुरक्षित रखने की कोशिश की। इससे पहले वर्ष 2022 में भी दशहरे पर तेज बारिश हुई थी। उस दौरान भोपाल में बारिश से रावण का पुतला भीग गया था और उसे जलाने में परेशानी हुई थी। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर दहन की कोशिश की गई थी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के कारण रावण दहन प्रभावित हुआ था।