सतना(ईन्यूज़ एमपी)- हाजिरी दर्ज करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त रीवा की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम सतना के एक सुपरवाइजर को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी की पहचान बालकृष्ण आदिवासी के रूप में हुई है, जो नगर निगम सतना में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त की टीम आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, सतना निवासी राजकिशोर समुंद्रे नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में वार्ड क्रमांक 15 में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि सितंबर माह में उन्होंने 25 दिन काम किया था, लेकिन सुपरवाइजर ने रजिस्टर में कम हाजिरी दर्ज की। इस संबंध में बात करने पर सही हाजिरी दर्ज करने के एवज में उनसे 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सत्यापन के दौरान आरोपी पहले ही 1 हजार रुपये प्राप्त कर चुका था। इसके बाद 18 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। बिरला हॉस्पिटल के सामने, सतना में शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी को पकड़ लिया गया। इस तरह शिकायत में बताई गई कुल 3 हजार रुपये की मांग के शेष 2 हजार रुपये लेते हुए आरोपी को ट्रैप किया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने की। ट्रैपकर्ता अधिकारी निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है। लोकायुक्त ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो लोकायुक्त रीवा से मोबाइल नंबर 98936 07619 पर संपर्क कर शिकायत की जा सकती है।