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सीधी में खनिज परिवहन पर सख्ती, 6 नवंबर तक RFID टैग जरूरी

सीधी(ईन्यूज एमपी)मध्यप्रदेश में खनिज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों पर आरएफआईडी (RFID) टैग अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 6 नवंबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। तय समय तक टैग नहीं लगवाने वाले वाहनों का ई-खनिज पोर्टल से पंजीयन समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित वाहन खनिज परिवहन नहीं कर सकेंगे।

जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के नेतृत्व में रविवार को खनिज विभाग की टीम ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान खनिज परिवहन में लगे वाहनों को रोककर वाहन चालकों और संबंधित लोगों को आरएफआईडी टैग लगवाने की अनिवार्यता तथा नई व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई।

नंबर प्लेट में गड़बड़ी करने वालों पर रहेगी नजर

विभाग के अनुसार, कुछ वाहन चालक ई-चेक गेट से बचने के लिए नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाना, नंबर प्लेट बदलना और विभागीय वाहनों के डुप्लीकेट नंबर का इस्तेमाल जैसी अनियमितताएं कर रहे थे। इससे वाहनों की पहचान करने और खनिज के अवैध परिवहन पर निगरानी रखने में परेशानी हो रही थी। इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आरएफआईडी टैग आधारित तकनीकी व्यवस्था लागू की गई है।

टैग और ई-ट्रांजिट पास होंगे लिंक

नई व्यवस्था के तहत जिस वाहन के नाम पर आरएफआईडी टैग जारी होगा, उसी वाहन के लिए ई-ट्रांजिट पास (eTP) जनरेट किया जाएगा। दोनों को आपस में लिंक किया जाएगा। वाहन के ई-चेक गेट से गुजरने पर टैग स्कैन होगा और खनिज की मात्रा व प्रकार से संबंधित जानकारी भोपाल स्थित स्टेट कंट्रोल रूम में दर्ज होगी।

निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने और सर्वर संबंधी समस्याओं से बचने के लिए भोपाल के अतिरिक्त चिन्हित जिलों में भी 20 दिनों के भीतर छोटे कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

जिले में दो स्थानों पर ई-चेक गेट

सीधी जिले में खनिज परिवहन की निगरानी के लिए बघवार और कोष्टा कोठार में दो ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। दोनों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिससे खनिज परिवहन पर निगरानी रखी जा सके।

विभागीय जानकारी के अनुसार, शासन ने 16 अप्रैल 2026 को गजट अधिसूचना जारी कर इस व्यवस्था के तहत जुर्माना लगाने को वैधानिक आधार प्रदान किया था। इसके बाद छह माह की अवधि में जिले में खनिज के अवैध परिवहन के 156 प्रकरण दर्ज किए गए और संबंधित मामलों में जुर्माना लगाया गया।

खनिज राजस्व की सुरक्षा पर जोर

जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के नेतृत्व में चलाए गए अभियान का उद्देश्य वाहन मालिकों और चालकों को निर्धारित समय-सीमा में आरएफआईडी टैग लगवाने के लिए जागरूक करना है। विभाग को उम्मीद है कि नई तकनीकी व्यवस्था से खनिज परिवहन में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और शासन के खनिज राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

खनिज विभाग ने जिले के सभी खनिज परिवहन वाहन स्वामियों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे 6 नवंबर 2026 तक आरएफआईडी टैग लगवाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें, ताकि उनका वाहन खनिज परिवहन के लिए पंजीकृत बना रहे।

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