सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने आज गऊ घाट विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नागरिकों से निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है। कलेक्टर ने विसर्जन स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता के साथ सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विसर्जन के दौरान पुलिस बल, होमगार्ड के प्रशिक्षित तैराक, नाव के साथ आवश्यक बचाव उपकरण, रस्सा, टॉर्च, लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, टेंट, लाउडस्पीकर, चेतावनी बोर्ड एवं वायरलेस संचार व्यवस्था सहित आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिले की नदियों में जल स्तर अधिक होने के कारण नाव से दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के गहरे पानी में प्रवेश न करें, तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें और बैरिकेडिंग पार कर विसर्जन करने का प्रयास न करें। घाटों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचें। प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की है कि छोटे बच्चों को नदी के घाटों और पानी के किनारे न जाने दें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को अपने साथ रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। विसर्जन के दौरान धक्का-मुक्की एवं जल्दबाजी से बचें और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की मदद लें। जिला प्रशासन ने नागरिकों से निर्धारित स्थलों पर ही दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करने, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धा और उत्साह के साथ सुरक्षा एवं सावधानी भी आवश्यक है। सभी श्रद्धालु संयमित व्यवहार अपनाते हुए स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।