सीधी (ईन्यूज़ एमपी): भीमराव अंबेडकर जयंती जैसे सम्मानित अवसर पर सीधी जिले के अमिलिया में जो कुछ हुआ, उसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक सामान्य विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और हालात इतने बिगड़ गए कि घर, थाना और अस्पताल तक सुरक्षित नहीं रहे। जानकारी के अनुसार, अमिलिया बाजार में भीम आर्मी की रैली निकल रही थी। इसी दौरान बोलेरो वाहन हटाने को लेकर विवाद हुआ। शुरुआत में मामूली कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई। आरोप है कि रैली में शामिल उपद्रवियों ने बोलेरो सवार अभिषेक शुक्ला और अर्जुन सिंह चंदेल के साथ मारपीट शुरू कर दी और वाहन में तोड़फोड़ की। स्थिति तब और भयावह हो गई जब जान बचाने के लिए अभिषेक शुक्ला पास के एक घर में घुसे, लेकिन आरोप है कि 50 से अधिक लोगों की भीड़ घर में घुस गई और पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, मनी शुक्ला सहित कई लोग घायल हो गए। बुजुर्ग मनी शुक्ला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें रीवा रेफर किया गया है। अभिषेक शुक्ला सहित अन्य घायलों का इलाज सीधी में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभालने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान बड़ी संख्या में नकाबपोश उपद्रवियों ने अमिलिया थाने पर ही हमला बोल दिया। थाना प्रभारी राकेश बेस सहित पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की गई और थाने में जमकर पत्थरबाजी हुई। फर्नीचर, सीसीटीवी समेत लाखों का सामान क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, उपद्रव यहीं नहीं रुका। अस्पताल परिसर में भी हंगामा और मारपीट की घटनाएं सामने आईं, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई। बाद में स्थानीय ग्रामीणों की प्रतिक्रिया में कुछ उपद्रवी और महिलाएं भी घायल हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी जिले मऊगंज व सीधी पुलिस लाइन सहित अन्य थानों से भारी पुलिस बल अमिलिया भेजा गया। मऊगंज जिले से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया। मौके पर नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा और एडिशनल एसपी अरविंद श्रीवास्तव ने पहुंचकर हालात का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कलेक्टर विकास मिश्रा ने ईन्यूज़ एमपी को दूरभाष पर बताया कि घटना की बारीकी से जांच की जा रही है, तमाम साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बड़ा अपडेट: तीन पक्षों से FIR, 100 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज इस पूरे मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अमिलिया थाने में तीन अलग-अलग पक्षों से FIR दर्ज की गई है— पुलिस की ओर से हेड कांस्टेबल सुनील सिंह की शिकायत पर 32 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज। पीड़ित शुक्ल परिवार की ओर से 37 नामजद और 40-50 अन्य के खिलाफ FIR। रैली में शामिल पक्ष की ओर से भी 10 लोगों के खिलाफ मामला कायम। पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक सामाजिक महापुरुष की जयंती पर निकली रैली कैसे हिंसा में बदल गई? क्या कानून को हाथ में लेना किसी भी स्थिति में उचित ठहराया जा सकता है? अमिलिया में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। लोग अब भी सहमे हुए हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।