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Home सीधी दर्पण CM की सर्जरी के बाद सीधी में नई एंट्री—CMO से सीधे मैदान में उतरे कलेक्टर विकास मिश्र ..

CM की सर्जरी के बाद सीधी में नई एंट्री—CMO से सीधे मैदान में उतरे कलेक्टर विकास मिश्र ..

सीधी( सचीन्द्र मिश्र): मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती के बीच सीधी जिले में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने एक ऐसा नाम मैदान में उतारा है, जो फाइलों से ज्यादा फैसलों के लिए जाना जाता है। CMO की पावर कॉरिडोर से निकलकर अब IAS विकास मिश्रा सीधे जमीनी मोर्चे पर बतौर सीधी कलेक्टर आज अपना पदभार ग्रहण कर लिए हैं।

सीएम डॉक्टर मोहन यादव के आकस्मिक निरीक्षण और लगातार मिल रही चौतरफा शिकायतों का ठीकरा सीधे कलेक्टर पर फूटा और तत्काल बदलाव का फैसला लिया गया। ऐसे समय में सरकार ने भरोसा जताया है उस अफसर पर, जिसने सचिवालय और फील्ड दोनों में अपनी पकड़ साबित की है। लेकिन वर्तमान में पंचायत ग्रामीण विकास विभाग खासतौर से जिला पंचायत सीधी का करप्शन " विकास मिश्र " के लिये एक बड़ी चुनौती है ।

“लो प्रोफाइल, हाई इम्पैक्ट” अफसर की एंट्री

IAS विकास मिश्रा को सिस्टम में ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता है जो बिना शोर किए काम करने में विश्वास रखते हैं।
डिंडोरी जैसे आदिवासी जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर जोर दिया, वहीं CMO में रहते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और मॉनिटरिंग सिस्टम को करीब से समझा। शायद यही कॉम्बिनेशन उन्हें सीधी के लिए “फिट चॉइस” बनाता है।

सीधी में अब क्या बदलेगा?

नए कलेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती वही है, जिसने उनके आने की जमीन तैयार की— फील्ड में प्रशासन की पकड़ मजबूत करना
जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान स्वास्थ्य, शिक्षा , RES , PHE , जिला पंचायत और राजस्व मामलों में सुधार...

लापरवाही पर सीधी कार्रवाई
संकेत साफ है—अब “फाइलों का खेल” नहीं, “मैदान का रिजल्ट” चलेगा।

सिस्टम को अंदर से जानते हैं कलेक्टर विकास

नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा उन गिने-चुने अधिकारियों में हैं जिन्हें पंचायत, इंफ्रास्ट्रक्चर, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय—चारों स्तर का अनुभव है। यानी उन्हें पता है कि योजना कैसे बनती है… और जमीन पर क्यों अटकती है।
खैर अब सब की निगाहें जिले के नए कलेक्टर पर टिकी हुई है।

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