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नारायण जी की सेबा निराकार ही है-पं बालाव्यंकटेश

सीधी- शिवाजीनगर नौढिया सीधी में भोलसिहं बघेल के साधनत्व समरबहादुर सिंह बघेल के सानिध्य और विनोद प्रमोद सिंह बघेल के सेवाभाव से विगत तीन दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग में देश के यशस्वी कथा व्यास पं बालाव्यंकटेश शास्त्री जी महराज वृन्दावनोपासक ने मंगलाचरण के रूप में सबसे पहले सीधी के सभी व्युरो चीफ एवं पत्रकारों के दायित्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीधी के पत्रकार सच्चे अर्थों में सजग प्रहरी हैं।यह बात कथा के प्रसंग में यह बात आरेखित करते हुए व्यास महराज जी ने कही।कथा को आयाम देते हुए महराज जी ने बताया कि मन को एकाग्र करना हो तो सबसे पहले तन पर फिर नयन पर नियंत्रण करने से मन पर विजय प्राप्त किया जा सकता है।कथा के रहस्य को उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को कथा व्यास जी ने सरल दृष्टान्त और कथानक के माध्यम से समझाया। कथा मे प्रसंग के क्रम में पं बालाव्यंकटेश महराज वृन्दावनोपासक ने कहा कि कथा में अहंकार की चादर फेंककर जो भी भक्त आयेंगे निश्चित ही हमारी भागवत कथा कुछ न कुछ अपने बेटे और बेटियो को कुछ न कुछ जरूर देगी।कथानक के क्रम में महराज जी ने बताया कि ब्रम्हा जी समाधि में थे उसी बीच नारद जी आये ,ब्रम्हा की समाधि खुली तब ब्रम्हा जी ने कहा कि परमात्मा अखण्ड अनन्त और अपरमित है।इसलिए नारायण की सेवा निराकार के रूप में होती है।उन्होने उदाहरण दिया कि शालिक राम का विग्रह का कोई आकार नही है वह निराकार ही तो है। कथा के बीच में प्रसंग के अनुसार भजन कीर्तन भी चलता रहा और उपस्थित जन रसानन्द लेते रहे।आज की भागवत कथा में शहर के कई गणमान्य जन उपस्थित रहे जिसमें श्रीमती रीती पाठक विधायक सीधी,नगर अध्यक्ष पंकज पाण्डेय,पत्रकार अमित सिंह बघेल,डाॅ श्रीनिवास शुक्ल सरस साहित्यकार,पुष्पराज सिंह चौहान नौढिया, आदि का नाम विशेष उल्लेखनीय रहा।

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