सीधी (ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के Sidhi जिले में अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर राज्य आनंद संस्थान द्वारा जिला पंचायत सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रवेश मिश्रा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक अनिल पाठक और रजनीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। संगोष्ठी का विषय सोशल मीडिया और हैप्पीनेस रखा गया, जिसमें वक्ताओं ने खुशहाली के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। प्रवेश मिश्रा ने कहा कि खुशहाली कोई बाहरी वस्तु नहीं बल्कि व्यक्ति की आंतरिक स्वाभाविक अवस्था है। इसे खरीदा नहीं जा सकता, बल्कि अपने दृष्टिकोण और सोच से अर्जित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सकारात्मक प्रभाव तभी संभव है जब हम स्वयं की सोच को सकारात्मक बनाएं। अनिल पाठक ने कहा कि जीवन में खुशहाली आंतरिक शांति को बढ़ावा देती है। खुश रहने के लिए किसी विशेष कारण की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए खुश रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया मनोरंजन और संवाद का माध्यम है, लेकिन इसकी उपयोगिता की सीमा तय करना जरूरी है। रजनीश मिश्रा ने कहा कि तनाव से मुक्त होकर निष्ठा और क्षमता के साथ कार्य करने से वास्तविक आनंद की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि आनंद के कई स्वरूप होते हैं और सुख-दुख के अंतर को समझकर ही वास्तविक खुशहाली का अनुभव किया जा सकता है। कार्यक्रम में परामर्शदाता अमित कुमार गौतम, अजीत वर्मा, विनय तिवारी, अश्वनी पटेल, पूजा पाण्डेय, समाजसेवी राजेश्वरी सिंह सहित सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।