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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2153 प्रकरणों का निराकरण, 5 करोड़ से अधिक की राशि का आवार्ड

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिला न्यायालय सीधी सहित चुरहट, रामपुर नैकिन और मझौली के न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 2153 प्रकरणों का निराकरण करते हुए पक्षकारों को 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आवार्ड प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रयागलाल दिनकर ने एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत यतीन्द्र कुमार गुरु, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार शिवहरे सहित न्यायाधीशगण एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।

जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने बताया कि लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए सीधी में 13, चुरहट में 4, मझौली में 2 और रामपुर नैकिन में 3 सहित कुल 22 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, वैवाहिक, श्रम तथा विद्युत अधिनियम से जुड़े मामलों का निराकरण किया गया।

लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 389 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जबकि 4918 प्री-लिटिगेशन मामलों में से 1764 मामलों का समाधान हुआ। इस प्रकार कुल 2153 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।

मोटर दुर्घटना दावा के 25 प्रकरणों में पक्षकारों को 1 करोड़ 16 लाख 17 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई। वहीं चेक बाउंस के 23 मामलों में 1 करोड़ 22 लाख 33 हजार 506 रुपये का निराकरण हुआ। बैंक वसूली के 383 प्रकरणों में विभिन्न बैंकों को 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार 418 रुपये प्राप्त हुए।

इसके अलावा विद्युत अधिनियम से जुड़े 85 मामलों और 415 प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण करते हुए विभाग को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। नगरीय निकायों के जलकर से संबंधित 487 प्रकरणों का भी समाधान किया गया, जिससे लगभग 5 लाख 7 हजार 880 रुपये की वसूली हुई।

लोक अदालत में समझौता करने वाले पक्षकारों को वन विभाग की ओर से 400 फलदार पौधे निःशुल्क वितरित किए गए।

इस दौरान चाचा-भतीजे के बीच लंबे समय से चल रहा एक सिविल विवाद भी आपसी सहमति से समाप्त हुआ, जिससे दोनों पक्षों में सौहार्द स्थापित हुआ। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।

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