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जंगल का कानून:बाघिन के सामने नर बाघ ने किया शावक का शिकार

सीधी(ईन्यूज एमपी)- संजय टाइगर रिजर्व से गुरुवार सुबह एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक नर बाघ ने बाघिन के शावक का शिकार कर उसे खा लिया। बताया जा रहा है कि बाघिन बीते कई महीनों से अपने तीन शावकों के साथ जंगल के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर रह रही थी और उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आखिरकार वह अपने एक शावक को नर बाघ के हमले से नहीं बचा सकी।

जानकारी के अनुसार संजय टाइगर रिजर्व में प्रभुत्व स्थापित कर चुके नर बाघ टी-67 ने यह शिकार किया है। गुरुवार सुबह की सफारी के दौरान पर्यटकों ने बाघ टी-67 को बाघिन टी-40 के एक शावक को मारकर खाते हुए देखा। यह दृश्य देखकर पर्यटकों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी।

वन सूत्रों के अनुसार नर बाघ अक्सर अपने क्षेत्र पर कब्जा मजबूत करने के लिए दूसरे बाघों के शावकों को मार देते हैं। इसी प्रवृत्ति के चलते बाघ टी-67 पहले भी संजय टाइगर रिजर्व के डेवा क्षेत्र में दो शावकों को मार चुका है।

बताया जाता है कि पिछले करीब तीन महीनों से बाघिन टी-40 अपने शावकों को सुरक्षित रखने के लिए जंगल के किनारे वाले क्षेत्रों में घूमती रही। कुछ समय के लिए वह बघेला हेरिटेज होटल परिसर के आसपास भी देखी गई थी। आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने हाथियों की मदद से उसे फिर जंगल के भीतर खदेड़ दिया था।

अब एक शावक के मारे जाने के बाद बाघिन के दो अन्य शावकों पर भी खतरा मंडरा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ टी-67 अपने क्षेत्र में वर्चस्व बनाए रखने के लिए दूसरे बाघ के शावकों को निशाना बना रहा है।

गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2025 को भी बाघ टी-67 और बाघ टी-56 के बीच भयंकर संघर्ष हुआ था, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अपने आक्रामक स्वभाव के लिए चर्चित बाघ टी-67 की गतिविधियों को लेकर अब संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। वन विभाग अब आगे क्या कदम उठाता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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