सीधी ( ईन्यूज एमपी) जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता समाजसेवी उमेश तिवारी की मां का आज स्वर्गवास हो गया है जिनका अंतिम संस्कार बुधवार को पैत्रिक गांव हनुमानगढ़ में शुबह होगा । शोकाकुल परिवार के वरिष्ठ सदस्य पुत्र एडवोकेट उमेश तिवारी ने इस दुख की घड़ी में अपनी मां के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुये कहा है कि माता प्रथम गुरु होती है हमारी अम्मा हम दोनों भाई एवं बहन (शत्रुघ्न तिवारी एडवोकेट , रेखा मिश्रा शिक्षक) सहित अपने नाती ऋषभ तिवारी (प्रशिक्षण अधिकारी ITI), स्व. ऋषि तिवारी (व्यवहार न्यायधीश), अंशुल मिश्रा (वैज्ञानिक इसरो), शशांक तिवारी (एडवोकेट उच्च न्यायलय दिल्ली) नातिन राकी मिश्रा (बैंक मैंनेजर), डॉ प्राची तिवारी (अतिथि प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय DU) को माता, दादी रूपी शिक्षक और शिक्षक रूपी माता, दादी रही है। बतादें कि अपने शिक्षकीय दायित्व से वर्ष 2006 में सेवा निबृत हो कर आज दिनांक 17/02/26.को दिन के 3 बजे जीवन यात्रा से भी मुक्त हो गईं। अम्मा की जिंदगी की यात्रा में हद से ज्यादा तकलीफ भी मिल गईं जिससे उसके अंदर की मोह माया समाप्त हो गईं थी और कुछ खोने का डर भी दिल से निकल चुका था। धन दौलत , रिश्ते, वस्तुएं अपने स्वयं के जीवन को खोने का डर नहीं रह गया था। ढाढ़स के लिए सब यही कह रहे है की जीवन का सत्य मृत्यु ही है पर हम सब अम्मा की संतान अम्मा के ऋणी का जीवन जियेंगे।