सीधी(ईन्यूज एमपी)- संयुक्त किसान एवं मजदूर मोर्चा, जिला इकाई सीधी (म.प्र.) द्वारा 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन अनुविभागीय दंडाधिकारी चुरहट को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों से जुड़ी 20 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। ज्ञापन में भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की समीक्षा, यूके-एफटीए जैसे प्रस्तावों में संशोधन तथा किसी भी गुप्त व्यापार समझौते को सार्वजनिक विमर्श के बाद ही लागू करने की मांग की गई है। मोर्चा ने सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ सी2+50% न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने, किसानों के लिए सर्वसमावेशी ऋणमाफी योजना, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को ₹10,000 मासिक पेंशन तथा फसल व पशुपालन के लिए व्यापक बीमा योजना लागू करने की मांग की है। मजदूर हितों से जुड़े मुद्दों में चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, ₹30,000 राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और मनरेगा का बजट बढ़ाकर प्रतिदिन ₹600 मजदूरी व 300 दिन रोजगार सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। बेरोजगारों को रोजगार या ₹10,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक, बिजली क्षेत्र के निजीकरण व प्री-पेड स्मार्ट मीटर योजना निरस्त करने, कॉरपोरेट कंपनियों को अंधाधुंध भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा भूमिहीनों को कृषि योग्य भूमि वितरित करने की मांग उठाई गई है। स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए मोर्चा ने चुरहट तहसील व एसडीएम कार्यालय में पिछले वर्षों में शासकीय व वन भूमि के पट्टों में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और बाणसागर व रेलवे मुआवजा भुगतान तत्काल कराने की मांग की है। नगर पंचायत चुरहट में नाली निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञापन पर विभिन्न किसान व मजदूर संगठनों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।