रायपुर (ईन्यूज एमपी)-छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की पंडरिया विधानसभा सीट से विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। दमगढ़ गांव में आयोजित जनजातीय गौरव सम्मेलन एवं सम्मान समारोह के दौरान विधायक बोहरा ने 66 आदिवासी परिवारों के सदस्यों की घर वापसी पर पारंपरिक तरीके से पैर धोकर स्वागत किया। यह दृश्य क्षेत्र के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम में बताया गया कि ये सभी आदिवासी परिवार स्वेच्छा से अपनी मूल आस्था और सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटे हैं। आयोजकों के अनुसार, क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और आदिवासी समाज के लिए संचालित योजनाओं से प्रभावित होकर इन परिवारों ने यह निर्णय लिया। समारोह के दौरान सभी परिवारों को सम्मानित किया गया और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने पर खुशी जताई गई। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया गया कि यह घर वापसी किसी प्रकार के दबाव या प्रलोभन का परिणाम नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज द्वारा अपनी परंपरा, संस्कृति और पहचान को मजबूत करने का प्रयास है। इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षक रहा है। प्रकृति पूजा, लोक देवताओं का सम्मान और सामुदायिक जीवन शैली हमारी सनातन विरासत का अभिन्न हिस्सा है। कुछ लोग लालच देकर आदिवासी भाइयों-बहनों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब आदिवासी समाज अपनी विरासत को पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में आदिवासियों की भलाई की चिंता होती, तो उन्हें उनके इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और आदिवासी नायकों के बलिदान की जानकारी दी जाती, न कि भ्रम फैलाया जाता। कार्यक्रम के दौरान विधायक बोहरा ने विधायक निधि से दो बाइक एम्बुलेंस का शुभारंभ भी किया। ये बाइक एम्बुलेंस जंगल और दुर्गम इलाकों जैसे छिरपानी और कुई-कुकदुर क्षेत्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए उपयोग में लाई जाएंगी। इनसे गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी न्यूर गांव के आसपास के जंगल क्षेत्रों से 115 आदिवासी नागरिक और कुई-कुकदुर क्षेत्र से 70 आदिवासी परिवार अपनी मूल आस्था की ओर लौट चुके हैं। भावना बोहरा भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलू चंद्रवंशी को 26 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था। उन्हें आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर सक्रिय विधायक के रूप में जाना जाता है।