enewsmp.com
Home मध्य प्रदेश दिवाली से पहले मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला

दिवाली से पहले मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने जबलपुर से भोपाल होते हुए इंदौर तक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए उद्योग विभाग के माध्यम से एक नई कंपनी गठित की गई है, जो परियोजना के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का काम करेगी।

सरकार देगी 100 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, नई कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश शासन के स्वामित्व में रहेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। कंपनी की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, ताकि परियोजना से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकें और औद्योगिक विकास के कार्यों को गति मिल सके।

पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ भूमि विकसित करने की योजना

प्रस्तावित कॉरिडोर के तहत जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर सहित सात जिलों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है।

इस क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, खनन, भारी उद्योग और आधुनिक विनिर्माण से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। सड़क, बिजली, पानी और हवाई संपर्क जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ के निवेश का अनुमान

सरकार का अनुमान है कि मार्च 2028 तक इस कॉरिडोर के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इससे लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान भी जताया गया है। हालांकि, ये संभावित लक्ष्य हैं; वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजना के क्रियान्वयन तथा उद्योगों की स्थापना पर निर्भर करेंगे।

सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर केवल औद्योगिक क्षेत्रों के विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाकौशल से लेकर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र इंदौर तक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।

Share:

Leave a Comment