सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के विभिन्न विकासखंडों में सेवा सेतु अभियान ‘सरकार आपके द्वार’ के तहत शुक्रवार को खंड स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया। सिहावल विकासखंड के पहाड़ी पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की बेहद कम मौजूदगी चर्चा का विषय रही। करीब 18 विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की अपेक्षा अधिकारी-कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं अधिक संख्या में नजर आईं। शिविर में लोगों की कम मौजूदगी को लेकर सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही जनपद पंचायत सिहावल के सीईओ रोहित उपाध्याय और पहाड़ी पंचायत के सचिव अतुल सिंह को फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि इतने बड़े शिविर का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविर तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने इसे प्रशासनिक स्तर की त्रुटि बताते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की बात कही। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा शिविर के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारियों द्वारा सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कराने के मामले सामने आ रहे हैं। विधायक ने अधिकारियों से राजस्व संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेने और ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी, ग्रामीण कम शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व सहित करीब 18 विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। उद्देश्य था कि ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। हालांकि, पहाड़ी में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की कम संख्या के कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल उठे। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचे और ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविरों में आएं। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और पंचायत स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था जरूरी है। कागजों तक सीमित रहने का आरोप ग्रामीणों की कम मौजूदगी को लेकर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि शिविर की जानकारी ही लोगों तक नहीं पहुंची तो इसका आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और पंचायत अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना नहीं, बल्कि मौके पर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। पहाड़ी में आयोजित शिविर में विधायक की नाराजगी के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों की कम उपस्थिति और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विधायक द्वारा उठाए गए सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।