लालता चौक पर पुलिस तैनात, श्रमिकों को भेजा जा रहा पुराने बस स्टैंड सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी शहर में बसों के संचालन और श्रमिकों के एकत्र होने को लेकर प्रशासन की नई व्यवस्था आज 1 अक्टूबर से लागू हो गई है। पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब शहर से संचालित होने वाली बसें नए बस स्टैंड से चलेंगी। व्यवस्था के पालन के लिए गुरुवार सुबह से ही पुराने बस स्टैंड और लालता चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह से पुलिस द्वारा पुराने बस स्टैंड की ओर आने वाली बसों को परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। बसों को नए बस स्टैंड की ओर भेजा जा रहा है। वहीं लालता चौक पर रोजगार की तलाश में पहुंचने वाले श्रमिकों को भी वहां एकत्र होने से रोका जा रहा है और उन्हें पुराने बस स्टैंड परिसर पहुंचने के लिए कहा जा रहा है। पुराना बस स्टैंड अब अस्थायी लेबर चौक प्रशासन ने पुराने बस स्टैंड परिसर को आगामी आदेश तक अस्थायी ‘लेबर चौक’ के रूप में निर्धारित किया है। यहां शहर और आसपास के क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिक एकत्र हो सकेंगे। श्रमिकों को काम पर ले जाने वाले नियोजक भी अब लालता चौक या मुख्य सड़क के बजाय सीधे पुराने बस स्टैंड परिसर पहुंचकर श्रमिकों को काम के लिए ले जा सकेंगे। लालता चौक पर श्रमिकों के एकत्र होने पर रोक नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों को लालता चौक अथवा मुख्य सड़क पर खड़े होकर काम का इंतजार नहीं करना होगा। प्रशासन की ओर से नियोजकों से भी अपील की गई है कि वे श्रमिकों को लालता चौक या सड़क पर काम के लिए नहीं बुलाएं। रोजगार संबंधी गतिविधियों के लिए पुराने बस स्टैंड परिसर का उपयोग करने को कहा गया है। व्यवस्था लागू कराने पुलिस की तैनाती नई व्यवस्था के पहले दिन प्रशासन की ओर से पुराने बस स्टैंड और लालता चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी बसों को पुराने बस स्टैंड में जाने से रोकने के साथ ही लालता चौक पर पहुंचने वाले श्रमिकों को पुराने बस स्टैंड की ओर भेज रहे हैं। इससे शहर में बस संचालन और श्रमिकों के एकत्र होने के लिए निर्धारित स्थानों को लेकर नई व्यवस्था जमीन पर लागू होती दिखाई दे रही है। प्रशासन का कहना है कि पुराने बस स्टैंड को अस्थायी लेबर चौक बनाने का उद्देश्य श्रमिकों और नियोजकों के लिए रोजगार गतिविधियों का एक निर्धारित स्थल उपलब्ध कराना है। वहीं बसों के लिए नए बस स्टैंड का उपयोग किया जाएगा। इससे मुख्य सड़क और चौराहों पर बसों तथा श्रमिकों के अनियंत्रित जमाव की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।