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पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, सीधी-सिंगरौली समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसके असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 12 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है।

भारी बारिश की चेतावनी सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों के लिए जारी की गई है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह बना निम्न दबाव क्षेत्र 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय बनी हुई है और मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

प्रदेश में अब तक 524.8 मिमी यानी करीब 20.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह सामान्य बारिश 597 मिमी यानी 23.5 इंच की तुलना में करीब 2.8 इंच कम है। प्रदेश में अब तक औसतन 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी बताई गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में औसत से 5 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी अब तक सामान्य से 3 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

हालांकि प्रदेश के भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। खासकर सीधी, सिंगरौली सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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