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मध्यप्रदेश में मानसून का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भोपाल-उज्जैन में बाढ़ जैसे हालात

इंदौर संभाग में सबसे ज्यादा असर की संभावना, 5 जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश का अनुमान, 527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है और मानसून सीजन का अब तक का सबसे मजबूत सिस्टम बुधवार को भी सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर इंदौर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और कई नदियां उफान पर हैं।

बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इन 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर और उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। अगले 24 घंटे के दौरान इन क्षेत्रों में 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश को देखते हुए इन जिलों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और जबलपुर जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कई स्थानों पर तेज और हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

प्रदेश में 527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू

प्रदेश में पिछले तीन दिन से जारी तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश के करीब आधे हिस्से में तेज बारिश दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों का हाल जाना। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश

राजधानी भोपाल में दो दिनों के दौरान करीब 8 इंच बारिश दर्ज की गई है। सोमवार और मंगलवार को सभी स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी घुस गया। कई रास्ते घंटों तक बंद रहे।

शहर के कई इलाकों में पानी ट्रांसफार्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पहुंच गया, जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी।

24 घंटे में कई जगह हुई जोरदार बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबसे ज्यादा करीब 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7-3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई।

इसी तरह आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, शाजापुर शहर में 3.4 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में करीब ढाई इंच बारिश हुई।

ये सिस्टम करा रहा प्रदेश में बारिश

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके साथ ही प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से एक ट्रफ भी गुजर रही है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्यप्रदेश में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है और बुधवार को भी इसका असर बने रहने की संभावना है।

अगले चार दिन रहेंगे महत्वपूर्ण

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवात सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में मध्यप्रदेश में अगले चार दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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