भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में होने वाले अगले पंचायत चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पंच और सरपंच पद के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराने की तैयारी शुरू कर दी है। अब तक इन दोनों पदों के लिए मतदान मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराया जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच सहित पंचायत चुनाव के सभी प्रमुख पदों के लिए मतदान ईवीएम के जरिए होगा। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। ईवीएम की उपलब्धता, अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं के साथ तकनीकी तैयारियों पर भी काम किया जा रहा है। आयोग का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए मतगणना को भी अधिक तेज और सुगम बनाना है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में हुए पंचायत चुनावों में पंच और सरपंच पद के लिए मतपत्रों का उपयोग किया गया था, जिसके कारण मतगणना में अधिक समय लगा था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिणाम अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए जा सकेंगे और मतपत्रों की छपाई व प्रबंधन से जुड़ी कठिनाइयों में भी कमी आएगी। राज्य निर्वाचन आयोग की इस पहल को पंचायत चुनावों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी होती हैं, तो अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव मध्य प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहली बार पूर्ण रूप से ईवीएम आधारित पंचायत मतदान के रूप में दर्ज होंगे।