भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के आठ अधिकारियों के तबादले करते हुए नई पदस्थापनाएं की हैं। हाल ही में जारी तबादला सूची में भी संशोधन किया गया है। सबसे बड़ा बदलाव 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पदस्थापना को लेकर किया गया है। पहले उन्हें शहडोल का कलेक्टर नियुक्त किया गया था, लेकिन संशोधित आदेश में उनकी पदस्थापना अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मिशा सिंह ने गर्भावस्था के चलते भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था, जिसके बाद सरकार ने उनके स्थानांतरण आदेश में संशोधन किया। कई जिलों के कलेक्टर बदले सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार पार्थ जायसवाल को छतरपुर से स्थानांतरित कर शहडोल का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं मृणाल मीणा को बालाघाट से स्थानांतरित कर छतरपुर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुमार सत्यम को बालाघाट जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मंदसौर कलेक्टर आदित्य गर्ग को पद से हटाकर परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। ### खाद्य, तकनीकी शिक्षा और सामान्य प्रशासन विभाग में भी फेरबदल दिनेश जैन को अपर सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से स्थानांतरित कर ओएसडी, संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा अपर सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग बनाया गया है। गिरीश शर्मा को परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में पदस्थ किया गया है। वहीं अंकित अस्थाना को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के उप सचिव पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग का उप सचिव बनाया गया है। उन्हें संचालक, कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। ### स्वरोचिष सोमवंशी और ऋषि गर्ग को अतिरिक्त जिम्मेदारी राज्य सरकार ने स्वरोचिष सोमवंशी को आगामी आदेश तक आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग तथा संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले उक्त संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग के पास था। नए आदेश के साथ यह जिम्मेदारी अब स्वरोचिष सोमवंशी को सौंप दी गई है। राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।