enewsmp.com
Home मध्य प्रदेश एमपी बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: परीक्षा पास कर बन सकेंगे नियमित कर्मचारी

एमपी बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: परीक्षा पास कर बन सकेंगे नियमित कर्मचारी

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत साढ़े छह हजार से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। ऊर्जा विभाग ने "संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026" लागू कर दी है। इस योजना के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ संविदा सेवा अवधि के आधार पर बोनस अंक जोड़कर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

यह योजना मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी, पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों पर लागू होगी। इसमें लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर सहित अन्य पात्र संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना से बाहर रखा गया है।

दो वर्ष की सेवा अनिवार्य

योजना का लाभ केवल उन संविदा कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। यदि दो अनुबंधों के बीच अंतराल रहा है तो उसे सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा, लेकिन उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। अनुभव प्रमाण-पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।

ऑनलाइन परीक्षा से होगा चयन

नियमित पदों पर भर्ती के लिए पात्र संविदा कर्मचारियों की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। भर्ती केवल उन्हीं पदों पर होगी, जिनके समकक्ष नियमित पद उपलब्ध होंगे। परीक्षा के अंकों के साथ सेवा अवधि के आधार पर बोनस अंक जोड़कर श्रेणीवार मेरिट सूची तैयार की जाएगी। नियमित नियुक्तियां मध्यप्रदेश शासन के आरक्षण नियमों के अनुसार की जाएंगी।

आयु सीमा में मिलेगी छूट

संविदा कर्मचारियों को आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। यदि कोई कर्मचारी नियमित पद पर चयनित होता है, तो उसे पहले अपने संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। इसके लिए एक माह की नोटिस अवधि के प्रावधान को शिथिल किया गया है।

नियमित बनने के बाद नहीं मिलेगा संविदा सेवा का लाभ

ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमित नियुक्ति के लिए त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद संविदा सेवा समाप्त मानी जाएगी। इसके बाद कर्मचारी भविष्य में उसी संविदा सेवा के आधार पर वरिष्ठता, पदोन्नति या किसी अन्य सेवा लाभ का दावा नहीं कर सकेगा।

ऊर्जा विभाग के इस निर्णय से प्रदेश की बिजली कंपनियों में वर्षों से संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों को नियमित सेवा में आने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके रोजगार में स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

Share:

Leave a Comment