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Home मध्य प्रदेश जंगल में छात्र पर भालू का जानलेवा हमला, पालतू कुत्ते ने दिखाई बहादुरी, भिड़कर बचाई जान

जंगल में छात्र पर भालू का जानलेवा हमला, पालतू कुत्ते ने दिखाई बहादुरी, भिड़कर बचाई जान

इटारसी(ईन्यूज एमपी)- नर्मदापुरम जिले के आदिवासी विकासखंड केसला-सुखतवा क्षेत्र के छींदापानी भीलट देव के जंगल में गुरुवार शाम एक 16 वर्षीय छात्र पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। छात्र अपनी गाय लेने जंगल गया था, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। इस दौरान छात्र के साथ मौजूद पालतू कुत्ते ने साहस का परिचय देते हुए भालू से भिड़कर उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया, जिससे छात्र की जान बच गई।

4 से 5 मिनट तक करता रहा हमला

वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि घायल विकलेश कासदे, कक्षा 11वीं का छात्र है। छात्र के अनुसार, वह गुरुवार शाम करीब 5 बजे अपनी गाय को लाने जंगल गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा करीब 4 से 5 फीट ऊंचा भालू अचानक बाहर निकला और उस पर टूट पड़ा।

भालू ने विकलेश को जमीन पर गिराकर करीब 4 से 5 मिनट तक पंजों और दांतों से हमला किया, जिससे उसके पेट और पैर में गंभीर चोटें आईं।

पालतू कुत्ते ने दिखाई वफादारी और साहस

हमले के दौरान छात्र का पालतू कुत्ता लगातार भौंकता रहा और भालू पर झपट पड़ा। कुत्ते के आक्रामक रवैये से भालू घबरा गया और जंगल की ओर भाग निकला। भालू के भागने के बाद घायल छात्र ने अपने पिता रमेश कासदे को मोबाइल फोन से घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा घायल छात्र को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में रात करीब 10 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

30 टांके लगे, हालत खतरे से बाहर

ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अनिकेत सिंह ने बताया कि भालू के हमले में छात्र के पेट और पैर पर गहरे घाव हुए हैं। उपचार के दौरान घायल छात्र के शरीर पर करीब 30 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।

वन विभाग से सहायता की मांग

घायल छात्र के पिता रमेश कासदे ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। उन्होंने वन विभाग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

16 दिन में दूसरी घटना

क्षेत्र में भालुओं की बढ़ती मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले 16 दिनों में भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 8 जुलाई को छींदापानी निवासी दिलीप कुमरे भी मवेशी चराने के दौरान भालू के हमले का शिकार हुए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगल से सटे गांवों में निगरानी बढ़ाने, लोगों को सतर्क करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।

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