भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से **'सुमन पंचायत' (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत)** पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत वे ग्राम पंचायतें, जो पूरे वर्ष एक भी मातृ मृत्यु, पांच वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे की मृत्यु तथा खसरा-रूबेला से होने वाली मौतों को शून्य रखने में सफल होंगी, उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ पंचायतों को स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है। पंचायतों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका सुमन पंचायत पहल के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात एवं बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, कुपोषण की रोकथाम तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर भी विशेष जोर रहेगा। राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ी पहल यह पहल सुमन रोडमैप-2030 की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक रोकी जा सकने वाली मातृ एवं नवजात मृत्यु को समाप्त करना, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी लाना, सार्वभौमिक प्रसवपूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतों को प्रोत्साहन राशि से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मजबूत होगी। इससे आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।