पांच दिवसीय सत्र के पहले दिन दो अध्यादेश पेश करेगी सरकार, कांग्रेस ने यूसीसी समेत कई मुद्दों पर घेरने की बनाई रणनीति भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। इस बार का सत्र कई अहम विधायी प्रस्तावों और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस के कारण हंगामेदार रहने की संभावना है। सरकार ने इस सत्र में कुल नौ विधेयक लाने की तैयारी की है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 है, जिसे हाल ही में मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। सरकार इसे सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी। इसके अलावा वर्षों से लंबित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक तथा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026 सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगा सत्र मानसून सत्र का पहला दिन कई मायनों में खास रहेगा। पहली बार विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे सदन की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनने की उम्मीद है। पहले दिन पेश होंगे दो अध्यादेश सत्र के पहले दिन सरकार दो अध्यादेश सदन में रखेगी। इनमें मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2026 तथा मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 शामिल हैं। इसके अलावा सदन में दो ध्यानाकर्षण सूचनाएं और 25 याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। दिवंगत हस्तियों को दी जाएगी श्रद्धांजलि सत्र के पहले दिन प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र, लोकगायिका तीजन बाई (यदि विधानसभा अभिलेखानुसार निधन उल्लेख सूची में शामिल) तथा पूर्व विधायकों एवं पूर्व मंत्री सहित दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू होगी। कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह सदन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध करेगी। इसके अलावा किसानों की समस्याएं, भूमि संबंधी मुद्दे, इथेनॉल परियोजनाएं, केन-बेतवा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, बेरोजगारी और अन्य जनहित के विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी की गई है। विपक्ष का कहना है कि वह प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा, जबकि सत्ता पक्ष का दावा है कि सरकार सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार है। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस पांच दिवसीय मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।