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Home मध्य प्रदेश स्वतंत्रता दिवस पर होगा विकास कार्यों का सोशल ऑडिट, प्रभारी मंत्री देंगे रिपोर्ट कार्ड: सीएम डॉ. मोहन यादव

स्वतंत्रता दिवस पर होगा विकास कार्यों का सोशल ऑडिट, प्रभारी मंत्री देंगे रिपोर्ट कार्ड: सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि आगामी स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले समारोहों में प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में हुए विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विकास कार्यों के सोशल ऑडिट के रूप में कार्य करेगी, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आएगी।

सोमवार को मंत्रालय में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक निधि का उपयोग जनहित के कार्यों में प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, किफायती आवास निर्माण में पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने तथा विभागवार, संभागवार और जिलावार आंकड़ों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र विकास योजना में सभी विभागों की गतिविधियों को शामिल किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पूर्ण हुए कार्यों का नियमित रखरखाव एवं निगरानी भी हो। उन्होंने विधायक निधि के उपयोग में अनावश्यक देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि निधि को एकत्रित कर बाद में खर्च करने की प्रवृत्ति उचित नहीं है।

बैठक में मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विश्राम घाटों पर ही आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए विकास सूचकांक भी स्थानीय विशेषताओं के अनुरूप निर्धारित किए जाने चाहिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत अब तक 1.37 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न समितियों द्वारा कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदी घाटों की सफाई सहित जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की जा रही है।

मत्स्य क्षेत्र में 9 हजार करोड़ से अधिक निवेश आएगा

मुख्यमंत्री ने छुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि नई एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के कारण प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना है। उन्होंने मोती उत्पादन को बढ़ावा देने, अन्य राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें लागू करने तथा प्रदेश को मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अगले ढाई वर्षों में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए कि प्रदेश को मछली बीज के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए प्रत्येक जिले में हैचरी विकसित करने, कोल्ड चेन नेटवर्क मजबूत करने, ब्रांडिंग एवं निर्यात को प्रोत्साहित करने तथा जल आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार की जाए।

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