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Home मध्य प्रदेश एमपी में मानसून की दस्तक का इंतजार, 2-3 दिन में बदलेगा मौसम; सीधी-रीवा समेत कई जिलों में भारी बारिश के आसार

एमपी में मानसून की दस्तक का इंतजार, 2-3 दिन में बदलेगा मौसम; सीधी-रीवा समेत कई जिलों में भारी बारिश के आसार

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों के दौरान प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियों के तेज होने का अनुमान जताया है। इसके प्रभाव से कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

शनिवार को राजधानी भोपाल और धार्मिक नगरी उज्जैन में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते भोपाल के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि जिन क्षेत्रों में वर्षा नहीं हुई वहां तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण तथा उससे पूर्वी मध्यप्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक बनी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में वर्षा गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।

सीधी, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। वहीं भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में भी कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता पूर्वी जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 37 जिलों में झंझावात और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों तथा बिजली के खंभों के आसपास खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय सतर्क रहने को कहा गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार तक पहुंच चुकी है। 23 जून के बाद मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। यदि मौसम प्रणालियां सक्रिय रहीं तो 25 से 26 जून के बीच मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

प्रदेश के किसानों की निगाहें भी मानसून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। समय पर अच्छी बारिश होने से बुवाई कार्य को गति मिलेगी और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और मेघगर्जन का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

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