नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर सहमति बनने के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेजी से नरमी आई है। रिपोर्टों के अनुसार, समझौते की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति सामान्य होगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम रहेगा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने का सीधा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है। वहीं, तेल कीमतों में नरमी से महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिससे तेल आयात करने वाले देशों को आर्थिक राहत मिल सकती है।