भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने भाजपा की आपत्ति पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की हैदराबाद स्थित अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर शाम 5:30 बजे तक जवाब मांगा गया था। जवाब पर विचार करने के बाद नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया गया। नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने फैसले का कड़ा विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल न्यायालय का एक नोटिस प्राप्त हुआ था। कांग्रेस ने आरोपों को निराधार बताते हुए इस निर्णय को अदालत में चुनौती देने की घोषणा की है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज सुबह 11 बजे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में शिकायत दर्ज कराएंगे और आयोग से हस्तक्षेप की मांग करेंगे। उल्लेखनीय है कि मंगलवार देर रात तक कांग्रेस विधायक और नेता भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। वहीं दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात का समय मांगा था। आयोग ने उन्हें बुधवार दोपहर 12 बजे का समय दिया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस इस मुद्दे को कानूनी तथा राजनीतिक स्तर पर उठाने की तैयारी में जुट गई है।