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Home मध्य प्रदेश एमपी में अगले सप्ताह मानसून की एंट्री, 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 5 जिलों में लू का खतरा

एमपी में अगले सप्ताह मानसून की एंट्री, 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 5 जिलों में लू का खतरा

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब करीब है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। इससे पहले प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिसके चलते कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मानसून इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर अथवा बैतूल जिले से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले मंगलवार को प्रदेश के 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अलर्ट वाले जिलों में बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9, 10 और 11 जून तक प्रदेश में आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर भी बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला में सबसे अधिक 42.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8 और मलाजखंड में 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित मध्य क्षेत्र के जिलों में भी बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम लगातार बदल रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी पकड़ सकती हैं।

किसानों को सलाह दी गई है कि खरीफ फसलों की बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी वर्षा का इंतजार करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है।

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