भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की रणनीति अपनाने का फैसला किया है। इसी क्रम में कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12:30 बजे कांग्रेस विधायकों को चार्टर्ड विमान से भोपाल से बेंगलुरु ले जाया जाएगा। अगले 10 दिनों तक राज्यसभा चुनाव की वोटिंग और विधायकों की सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति बनाई जाएगी। इससे पहले सोमवार देर शाम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भोपाल स्थित आवास पर कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। डिनर बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और उन्हें दूसरे राज्य भेजने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, फूल सिंह बरैया, सज्जन सिंह वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं और राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। एक उम्मीदवार की जीत के लिए 58 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता है। कांग्रेस के पास 61 विधायक हैं, जिससे वह एक सीट जीतने की स्थिति में है। हालांकि भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की आशंका सताने लगी है। राजनीतिक गलियारों में इस आशंका को और बल तब मिला जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इस्तीफा दे दिया। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित रखने और चुनाव तक एकजुट बनाए रखने के उद्देश्य से कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।