सीधी(ईन्यूज एमपी)- लो रीवा के तर्ज पर हमने लगा दिया आधी रात सीधी शहर में पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा ....जी हां झूंठा नही यह सच है हमने खूब गिड़गिड़ाया ..खूब पर्खा पर आपने एक नही सुनी .. इसीलिए हम सब आधी रात उस महान पुरुष की प्रतिमा को चिन्हित स्थान पर रीवा यानी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी की तरह स्थापित कर दिया ... जी हां सात बार सीधी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके मानव सेवा पुरस्कार से सम्मानित पूर्व मंत्री स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद स्थापित कर दी गई। हालांकि प्रतिमा की स्थापना जिस तरीके से आधी रात को की गई, उसने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद द्वारा पूर्व में प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन प्रस्तावित स्थल को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी कारण स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा लंबे समय से एक स्थान पर रखी हुई थी और स्थापना का इंतजार कर रही थी। बताया जा रहा है कि रविवार देर रात वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद वर्मा एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विक्रम सिंह की मौजूदगी में प्रतिमा को प्रस्तावित एवं विवादित स्थल पर स्थापित कर दिया गया। आधी रात को प्रतिमा लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। प्रतिमा स्थापना को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रतिमा स्थापना का मामला सार्वजनिक और नगर पालिका के प्रस्ताव से जुड़ा था, तो फिर इसे दिन के उजाले में विधिवत कार्यक्रम आयोजित कर स्थापित करने के बजाय आधी रात को लगाना पड़ा यह एक बड़ा सबाल है । उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार सीधी जिले की राजनीति का बड़ा नाम रहा हैं। वे सात बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। उन्हें गरीबों का नेता माना जाता रहा है।ऐसे में उनकी प्रतिमा की स्थापना लंबे समय से उनके समर्थकों की मांग रही है। फिलहाल प्रतिमा स्थापना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं विवादित स्थल पर प्रतिमा लगाए जाने को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।