सहायक वर्ग-3 निलंबित, प्रभारी परियोजना अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू सीधी (ईन्यूज एमपी)- जिला कलेक्टर विकास मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग में अभिलेखों के संधारण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। जारी आदेश के अनुसार बाल विकास परियोजना मझौली कार्यालय में पदस्थ अभिलेख/स्थापना प्रभारी राजभान सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं ज्योति विश्वकर्मा के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थापित की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण (डब्ल्यूपी-17718/2011, शोभारानी द्विवेदी बनाम मध्यप्रदेश शासन) के पालन में 8 मई 2026 को कलेक्टर न्यायालय सीधी में सुनवाई निर्धारित थी। सुनवाई के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र कमचड़ क्रमांक-02 से संबंधित मूल नस्ती का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि फाइल के कई पृष्ठ दीमक से प्रभावित थे और कई दस्तावेज क्षतिग्रस्त अवस्था में थे। इसके अलावा अभिलेखों का संधारण भी अत्यंत अव्यवस्थित पाया गया। मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत राजभान सिंह को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बाल विकास परियोजना कार्यालय सीधी क्रमांक-02 निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं कार्यालयीन अभिलेखों के रख-रखाव और पर्यवेक्षण में लापरवाही पाए जाने पर ज्योति विश्वकर्मा के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।