भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर झटका लगा है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने मई माह से बिजली दरों में 5.36 प्रतिशत का नया सरचार्ज लागू करने का निर्णय लिया है। यह सरचार्ज एफपीपीएएस (फ्यूल पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज) के रूप में बिजली बिल में जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं का मासिक बिल बढ़ेगा। खास बात यह है कि एक महीने के भीतर दूसरी बार बिजली महंगी हुई है। इससे पहले अप्रैल 2026 में 4.8 प्रतिशत टैरिफ चार्ज बढ़ाया गया था। बिजली खरीद महंगी, बढ़ा बोझ कंपनी के अनुसार बिजली खरीद की वास्तविक लागत और अनुमानित लागत में अंतर आने के कारण यह सरचार्ज लगाया गया है। वर्ष 2026 में बिजली खरीद की लागत 3.97 रुपये प्रति यूनिट रही, जबकि अनुमान 3.66 रुपये प्रति यूनिट था। करीब 0.32 रुपये प्रति यूनिट के इस अंतर ने बिजली कंपनियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला है। सभी उपभोक्ताओं पर असर बिजली दरों में इस बढ़ोतरी का असर घरेलू और औद्योगिक दोनों प्रकार के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़े हुए सरचार्ज के कारण आने वाले महीनों में बिजली बिल में वृद्धि देखने को मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि ईंधन और बिजली खरीद की लागत बढ़ने के चलते इस तरह के समायोजन सरचार्ज लगाए जाते हैं, जिससे कंपनियों की लागत की भरपाई की जा सके।