याचिका पर सुनवाई, सरकार और चयन बोर्ड को नोटिस भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग स्टाफ भर्ती में महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाब तलब किया है। मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि नर्सिंग से जुड़े पदों पर पूरी तरह महिला आरक्षण लागू किया गया है, जो संविधान के समान अवसर और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भर्ती में सभी पद केवल महिलाओं के लिए आरक्षित करना नियमों के विपरीत है। इसमें भारतीय नर्सिंग काउंसिल के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के तय मानकों का भी हवाला दिया गया है, जिसमें आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार, कर्मचारी चयन मंडल और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल पदों पर बड़ी संख्या में भर्तियां चल रही हैं। इस फैसले का सीधा असर भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है।अब सभी की नजरें सरकार के जवाब और कोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि नर्सिंग भर्ती में आरक्षण का स्वरूप क्या रहेगा।