सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ऑनलाइन रिपोर्टिंग में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबिता खरे ने बताया कि कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर तीन आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि दो अन्य को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। सेवाएं समाप्त किए गए कर्मचारियों में रजनीश सिंह चौहान (सीएचसी सिहावल), विपुल तिवारी (सीएचसी रामपुर नैकिन) और अरविंद रावत (सीएचसी डढ़िया, विकासखंड रामपुर नैकिन) शामिल हैं। इनकी नियुक्ति उद्यमिता विकास केन्द्र (सेडमैप) के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर की गई थी। वहीं राजमणि चर्मकार (सीएचसी रामपुर नैकिन) और रामसुरेश धोबी (सीएचसी सेमरिया) को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी दी गई है। बताया गया कि संबंधित कर्मचारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनसीडी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग का दायित्व सौंपा गया था, लेकिन इनके द्वारा कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई और रिपोर्टिंग बेहद कम पाई गई। यह मामला मुख्य सचिव स्तर की समीक्षा बैठक में भी उठा, जहां जिले की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई थी। कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।