भोपाल (ईन्यूज़ एमपी): लंबे समय से जारी कयासों पर आखिरकार विराम लग गया है। विंध्य विकास प्राधिकरण को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल अब थम गई है। मध्यप्रदेश शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने आदेश जारी कर नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, जिससे क्षेत्र का सियासी पारा गर्म है ।जारी आदेश के अनुसार पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को विंध्य विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं रीवा के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह के अलावा संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पिछले कई महीनों से इस पद को लेकर बड़े नेताओं के बीच खींचतान और अटकलों का दौर जारी था। कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में थे, जिससे राजनीतिक गलियारों में प्रतिस्पर्धा चरम पर पहुंच गई थी। लेकिन अब सरकार के इस फैसले ने सभी अटकलों और सस्पेंस पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस नियुक्ति को क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासकर विंध्य क्षेत्र में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के उद्देश्य से यह फैसला महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर समूचे विंध्य में पार्टी के प्रति असंतोष भी अंदर ही अंदर देखा जा रहा है कारण कि मैहर , सतना , रीवा , सीधी , मऊगंज व सिंगरौली जैसे जिलों से तालुकात रखने वाले बीजेपी के बड़े चेहरे विंध्य विकास प्राधिकरण अध्यक्ष के दौड़ में शामिल रहे हैं , एन वक्त पर बीजेपी के उन नेताओं को इस दौड़ से हांसिल हुई असफलता के चलते पार्टी को नुकसान के सिवाय कुछ अच्छा हांसिल नही होगा । अब देखने वाली बात यह होगी कि नई टीम विंध्य क्षेत्र के विकास कार्यों को कितनी गति दे पाती है और राजनीतिक दृष्टि से इसका क्या प्रभाव पड़ता है यह तो वक्त तंय करेगा ।