भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार नए वित्त वर्ष के पहले महीने में एक बार फिर 2800 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज दो किस्तों में लिया जाएगा, जिसमें 1600 करोड़ और 1200 करोड़ रुपए शामिल हैं। पहले कर्ज की अवधि 8 वर्ष और दूसरे की 22 वर्ष निर्धारित की गई है, जिन पर ब्याज का भुगतान छमाही आधार पर किया जाएगा। सरकार ने अभी 31 मार्च 2026 की स्थिति में कुल कर्ज का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन 31 मार्च 2025 के अनुसार प्रदेश पर करीब 4 लाख 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज दर्ज है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने पहले ही 1800 करोड़ रुपए का कर्ज रिजर्व बैंक के माध्यम से ले लिया है। यह राशि 1200 करोड़ और 600 करोड़ की दो किस्तों में ली गई थी, जिसका भुगतान 15 अप्रैल को किया गया। गौरतलब है कि वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले मार्च 2026 में सरकार ने एक महीने के भीतर ही करीब 18 हजार 700 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। वहीं 28 मार्च को रामनवमी के अवसर पर 2500 करोड़ रुपए का ऋण 14 वर्ष की अवधि के लिए उठाया गया था। इसके अलावा मार्च माह में ही कई चरणों में कर्ज लिया गया। 17 मार्च को 4100 करोड़ रुपए, 10 मार्च को अलग-अलग अवधियों के लिए 1900, 1700 और 2200 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया। वहीं 3 मार्च को होली के दिन 6300 करोड़ रुपए के चार अलग-अलग कर्ज उठाए गए, जो एक दिन में लिया गया सबसे बड़ा कर्ज रहा। वित्त विभाग के अनुसार 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ रुपए बताया गया है, हालांकि अन्य आकलनों में यह आंकड़ा 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए तक पहुंचने की बात सामने आई है। लगातार बढ़ती उधारी को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए राजस्व बढ़ाने और व्यय नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना होगा।