महिला सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस, किसानों को उर्वरक सब्सिडी से राहत भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं को जारी रखने, 6 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सिंचाई परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महिला सशक्तिकरण पर रहेगा फोकस बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदेश में 25 अप्रैल तक “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाया जा रहा है, जिसके तहत सम्मेलन, पदयात्राएं और महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज कैबिनेट ने राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। किसानों को राहत: उर्वरक सब्सिडी मंजूर मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर 41,833 करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना मंत्रिमंडल ने सागर जिले के लिए 286 करोड़ रुपए की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी है। इससे लगभग 7200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। दूध उत्पादन में 25% वृद्धि कैबिनेट में बताया गया कि प्रदेश में दूध उत्पादन 9.4 लाख लीटर से बढ़कर 12.4 लाख लीटर हो गया है, जो करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि है। लोक निर्माण परियोजनाएं जारी मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग की चार चल रही परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। सामाजिक योजनाओं को भी मंजूरी कैबिनेट ने मध्यान्ह भोजन परिषद, मिशन शक्ति, संबल योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा हेल्पलाइन 181 जैसी योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं से महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को गति मिलेगी। कृषि महोत्सव और विकास पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय कृषि महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। साथ ही बालाघाट में नक्सल गतिविधियों के समाप्त होने के बाद अब विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा। कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।