सीधी (ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर विकास मिश्रा ने समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व कार्यों, जनसुनवाई व्यवस्था तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने शनिवार को आयोजित स्वास्थ्य मेलों की सफलता पर पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इन शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आई चुनौतियों और कठिनाइयों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इन आयोजनों में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने “चिरैया अभियान” को विशेष प्राथमिकता देते हुए किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी होना चाहिए, जिससे बालिकाओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़े और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने मोबाइल वैन के माध्यम से पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से पहुंच बनाते हुए बालिकाओं एवं महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मई माह में महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बड़े स्तर पर मेगा हेल्थ कैंप आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि अधिकतम संख्या में लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। प्राकृतिक आपदा से संबंधित मामलों में कलेक्टर ने त्वरित राहत प्रदान करने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मौके पर पहुंचकर शीघ्र निरीक्षण एवं सर्वे कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि फसल नुकसानी के मामलों में कृषि विभाग, पशुधन हानि के मामलों में पशु चिकित्सा विभाग तथा मकानों के नुकसान के मामलों में पंचायत विभाग, राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें, ताकि प्रभावितों को समय पर राहत मिल सके। राजस्व के मूल कार्यों में प्रगति लाने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने न्यायालयों में निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से बैठने, प्रकरणों की नियमित सुनवाई करने तथा उन्हें समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने खंड स्तर पर नियमित और सशक्त जनसुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़े। उन्होंने लोक सेवा केंद्रों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं सुलभ बनाने पर भी विशेष बल दिया। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने विद्यालयों में बालिका शौचालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने तथा सभी पेट्रोल पंपों में महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुविधाएं गरिमा और सुरक्षा से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने विभागों में आईटी आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने की बात कही, जिससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाममुखी बन सके। साथ ही आगामी जनगणना कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने तथा संबंधित प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य समयबद्ध और सटीक रूप से पूरा हो सके। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब प्रशासनिक स्तर पर कार्यों का क्रियान्वयन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, उपखंड अधिकारी सिहावल राजेश शुक्ला, गोपद बनास राकेश शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।