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Home मध्य प्रदेश जब कलेक्टर ने खुद बंद किया बहता नल… दिखा संवेदनशील प्रशासन का चेहरा

जब कलेक्टर ने खुद बंद किया बहता नल… दिखा संवेदनशील प्रशासन का चेहरा

कटनी(ईन्यूज एमपी)- प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण सामने आते हैं, जो व्यवस्था के साथ-साथ सोच को भी बदल देते हैं। ऐसा ही एक प्रेरक दृश्य बुधवार को ढीमरखेड़ा क्षेत्र के हरदी गांव में देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जल संरक्षण का संदेश अपने आचरण से दिया।

कलेक्टर श्री तिवारी गांव के निरीक्षण के दौरान गली-गली पैदल घूमकर ‘नल-जल योजना’ की जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे थे। वे प्रत्येक घर के बाहर रुककर यह सुनिश्चित कर रहे थे कि ग्रामीणों को पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति मिल रही है या नहीं।

इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे खुले एक नल पर पड़ी, जिससे पानी लगातार बह रहा था। पानी की एक-एक बूंद की अहमियत को समझते हुए कलेक्टर तुरंत रुके और स्वयं नल बंद किया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को समझाया कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, इसलिए इसकी बर्बादी रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कलेक्टर की इस छोटी लेकिन प्रभावी पहल ने ग्रामीणों के बीच सकारात्मक संदेश दिया। लोगों ने भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अनावश्यक पानी बहने से रोकने का संकल्प लिया।

प्रशासन का यह संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया यह दर्शाता है कि यदि अधिकारी स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें, तो समाज में जागरूकता तेजी से बढ़ सकती है।

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