भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे जनजीवन और कृषि कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बीते तीन दिनों के दौरान प्रदेश के 42 जिलों में आंधी, तेज बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। Gwalior में दिन और रात के तापमान में करीब 4.7 डिग्री का अंतर देखा गया, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। कई जिलों में गेहूं, पपीता, केला और संतरा जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलें ओलों और तेज हवाओं की चपेट में आकर गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मौसम विभाग ने Tikamgarh, Satna, Rewa, Singrauli, Mauganj, Katni और Sidhi सहित कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। साथ ही खुले स्थानों पर काम करने से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम के इस बदले रुख ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि इसी तरह का मौसम बना रहा तो रबी फसलों को और अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।