भोपाल(ईन्यूज एमपी)- Madhya Pradesh में निर्माण कार्यों से जुड़े प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक रैन बसेरा योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले, नगर और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध तरीके से रैन बसेरे स्थापित किए जाएंगे, ताकि काम की तलाश में आने-जाने वाले श्रमिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित ठहराव मिल सके। सूत्रों के अनुसार, श्रम विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना में नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। नगर पालिकाओं को अधिकतम लगभग 50 लाख रुपये, नगर परिषदों को 30 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायतों को करीब 15 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस धनराशि का उपयोग भवन निर्माण, बिस्तर, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, स्नानघर, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी तथा आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था पर किया जाएगा। अलग-अलग व्यवस्थाएं होंगी उपलब्ध रैन बसेरों में पुरुष एवं महिला श्रमिकों के लिए पृथक कक्षों की व्यवस्था रहेगी। साथ ही लॉकर सुविधा, स्वच्छ पेयजल, स्नानागार और न्यूनतम दर पर भोजन उपलब्ध कराने की भी योजना है। संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों के साथ जिला स्तरीय समितियों को सौंपी जाएगी, जो शुल्क निर्धारण और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी। झुग्गियों की समस्या में आएगी कमी सरकार का मानना है कि इस पहल से निर्माण स्थलों के आसपास अस्थायी झुग्गियों और असुरक्षित ठहराव की समस्या में कमी आएगी। श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध होने से उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार की इस पहल को श्रमिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में रैन बसेरे संचालित किए जाएंगे।