भोपाल(ईन्यूज एमपी)- होली से ठीक दो दिन पहले प्रदेश में परिवहन व्यवस्था ठप पड़ सकती है। Madhya Pradesh के 55 जिलों में 2 मार्च 2026 को बस ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। Madhya Pradesh Bus Operators Association के मुताबिक सुबह 6 बजे से करीब 20 हजार बसें सड़कों से गायब रहेंगी, जिससे लाखों यात्रियों पर असर पड़ने की आशंका है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश में 12,780 परमिटधारी और 7 हजार से अधिक कॉन्ट्रैक्ट बसें संचालित हैं। सभी बस संचालक सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में एकजुट हुए हैं। आरोप है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत सात कंपनियों को रूट और किराया निर्धारण का अधिकार दिया जा रहा है, जबकि संचालन का खर्च बस मालिकों को ही उठाना होगा। किराया 5 से 7 गुना बढ़ने की आशंका बस संचालकों का दावा है कि यदि हड़ताल के कारण निजी ट्रैवल्स और कैब ही विकल्प बचते हैं तो यात्रियों को 5 से 7 गुना अधिक किराया देना पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर भोपाल से होशंगाबाद का वर्तमान किराया करीब 100 रुपये है, जो भीड़ के चलते 500 से 600 रुपये प्रति व्यक्ति तक पहुंच सकता है। ट्रैवल्स की गाड़ियों में यह किराया 1500 से 2000 रुपये तक वसूला जा सकता है। नीति को लेकर प्रमुख आपत्तियां * स्टेज कैरिज परमिट शर्तों में बदलाव * रूट आवंटन व नवीनीकरण प्रक्रिया महंगी और जटिल * डीजल मूल्य वृद्धि के अनुरूप किराया संशोधन का प्रावधान नहीं * परमिट और नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि * किराये पर 10 प्रतिशत तक कमीशन वसूली का प्रस्ताव एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन का कहना है कि वर्तमान में प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये है, जिसे 1.75 रुपये करने का प्रस्ताव है। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मंत्री बोले—किसी का अहित नहीं प्रदेश के परिवहन मंत्री Rao Uday Pratap Singh ने विधानसभा में कहा कि नई नीति से बस ऑपरेटरों को कोई नुकसान नहीं होगा। बस और स्टाफ उनके ही रहेंगे, केवल निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 14 हजार बसें चल रही हैं, जबकि आवश्यकता 16 हजार की है। होली के सीजन में संभावित हड़ताल से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। अब सबकी नजर सरकार और बस संचालकों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है, जिससे तय होगा कि 2 मार्च को बसों के पहिए थमेंगे या नहीं।