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बजट सत्र का सातवां दिन: भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय मान्यता, किसानों के लिए बोनस और भावांतर भुगतान का ऐलान

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज सातवां दिन रहा। सदन में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मालवा अंचल के जनजातीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगोरिया लोकपर्व को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का निर्णय घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल जिलों Barwani, Dhar और Jhabua में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। भगोरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उड़द के उपार्जन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। वहीं सरसों के लिए 71 लाख टन संभावित उत्पादन को आधार मानते हुए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरकार ने सरसों उत्पादन में 28 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है।

सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान जमीन बंदोबस्त का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस विधायक Jhuma Solanki ने खरगोन जिले के भीकनगांव, झिरन्या और महेश्वर क्षेत्र में जमीन बंदोबस्त नहीं होने तथा रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मामला उठाया। उनका कहना था कि त्रुटिपूर्ण अभिलेखों के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कांग्रेस विधायक Rajan Mandloi ने भी इसका समर्थन किया। इस पर राजस्व मंत्री Karan Singh Verma ने कहा कि यदि कहीं गड़बड़ी है तो संबंधित कलेक्टर या तहसीलदार को आवेदन देकर जांच कराई जा सकती है और त्रुटियों का सुधार किया जाएगा।

प्रश्नकाल, शून्यकाल और याचिकाओं की प्रस्तुति के बाद विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हुई। इसके लिए लगभग पौने आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग पर सोमवार को चर्चा पूरी नहीं हो सकी थी, इसलिए सबसे पहले इसी विभाग पर चर्चा की गई। इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की अनुदान मांगों पर विचार हुआ।

सदन में लोक परिसंपत्ति विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की अनुदान मांगों पर भी चर्चा प्रस्तावित है, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने तर्क रखेंगे।

इससे पहले लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक Mahesh Parmar ने पात्र नई हितग्राहियों के पंजीयन की तिथि स्पष्ट करने की मांग की। इस पर भाजपा विधायक Rameshwar Sharma ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार योजना को लेकर स्पष्ट है। उन्होंने कांग्रेस नेता Jitu Patwari के बयान पर भी सवाल उठाए।

बजट सत्र के सातवें दिन सदन में सांस्कृतिक, कृषि और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

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